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मध्यप्रदेश में पहली बार एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली में होम्योपैथी की भूमिका पर राष्ट्रीय संगोष्ठी
भोपाल में होगा राष्ट्रीय मंथन, इंदौर से डॉ. ए.के. द्विवेदी, डॉ. एस.पी. सिंह सहित वरिष्ठ चिकित्सक होंगे शामिल
इंदौर, 10 जून। मध्यप्रदेश में पहली बार ऐसे राष्ट्रीय स्तर के आयोजन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश के प्रमुख होम्योपैथी विशेषज्ञ एवं वक्ता एक मंच पर उपस्थित होकर एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली (Integrated Health System) में होम्योपैथी की भूमिका पर अपने विचार रखेंगे। विभिन्न विशेषज्ञ होम्योपैथी तथा अन्य चिकित्सा पद्धतियों के समन्वित उपयोग से जटिल एवं असाध्य मानी जाने वाली बीमारियों के उपचार में प्राप्त अनुभवों, शोध निष्कर्षों एवं सफलताओं को साझा करेंगे।
आरोग्य भारती, भोपाल एवं शासकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में 11 जून 2026 को “Role of Homoeopathy in Integrated Health System” विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी-सह-सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। यह महत्वपूर्ण आयोजन राष्ट्रीय होम्योपैथी आयोग (NCH), आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से संपन्न होगा, जिसमें देशभर के होम्योपैथी विशेषज्ञ, शिक्षाविद एवं शोधकर्ता भाग लेंगे।
इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में इंदौर से वरिष्ठ होम्योपैथ चिकित्सक एवं शिक्षाविद डॉ. ए.के. द्विवेदी तथा डॉ. एस.पी. सिंह, प्राचार्य, एस.के.आर.पी. गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, इंदौर विशेष रूप से शामिल होंगे। दोनों शिक्षाविदों को कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति एवं मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु आमंत्रित किया गया है।
रजत जयंती सभागार, आयुष परिसर, साइंस हिल्स, भोपाल में आयोजित इस संगोष्ठी में मध्यप्रदेश शासन के आयुष, उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम में आरोग्य भारती के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. अशोक कुमार वार्ष्णेय सहित अनेक वरिष्ठ विशेषज्ञों एवं नीति-निर्माताओं की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
इंदौर से एस.के.आर.पी. गुजराती होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के शिक्षक डॉ. मनोज बागुल एवं डॉ. कुशल पारिख भी इस राष्ट्रीय आयोजन में सहभागिता करेंगे। संगोष्ठी में एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली में होम्योपैथी की भूमिका, अनुसंधान, नवाचार, जनस्वास्थ्य में योगदान तथा भविष्य की संभावनाओं पर व्यापक विचार-विमर्श होगा।
इस अवसर पर डॉ. ए.के. द्विवेदी तथा डॉ एस पी सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि राष्ट्रीय स्तर की ऐसी संगोष्ठियां चिकित्सकों एवं शिक्षाविदों के लिए ज्ञानवर्धन, शोध अभिरुचि विकसित करने तथा चिकित्सा शिक्षा के नवीन आयामों को समझने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सम्मेलन चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नवीन विचारों और अनुभवों के आदान-प्रदान का सशक्त मंच होते हैं, जिससे चिकित्सा पद्धतियों के समन्वित विकास को नई दिशा मिलती है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह संगोष्ठी एकीकृत स्वास्थ्य प्रणाली में होम्योपैथी की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक भूमिका को और अधिक सुदृढ़ करेगी तथा जटिल रोगों के उपचार में समन्वित चिकित्सा की संभावनाओं को नई दिशा प्रदान करेगी।


